टॉप फाइव इंडियन वेबसेरीज़ बियॉन्ड इमैजिनेशन Part 2

ऑडियंसबेवकूफ नहीं है जो अपने 5-6 घंटे किसी वेब सिरीज़ को देख लिए। इन वेब सिरीज़ की दुनिया में कन्टेन्ट होना ही बढ़ेगा।

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मानते नहीं मिलता ना इट जिनके लेनी पड़ती है।अभी करीब हम करेंगे टॉप फाइव इंडियन वेबसेरीज़ बियॉन्ड इमैजिनेशन पार्ट 14 तुम लोगों का बाप ये लोग आजाद घूम रहे हैं।मर्डर करके लाशों के छोटे छोटे टुकड़े तिहाड़ जेल के दरवाजे दिल्ली में जो है वो ऑन ऐवरेज 512 और 1 साल में होते हैं और हर बार दिल्ली पुलिस को एक लैटर छोड़ के चैलेंज करना। अगर तब मैं तो रोक के दिखा मुझे इंतजार में तुम लोगो का भाग या मैं मास्टर।तू क्राइम डॉक्यूमेन्ट्री तो पॉज़िटिव और एक नेगेटिव पॉइंट के साथ। इंडियन प्रिडेटर द बुचर ऑफ डेली जब तक आप मर्डर की माइंडसेट को नहीं समझते तब तक आपके दिमाग में बेसिक क्वेश्चन घूमते रहते है की ये कर क्यों रहा है ऐसा सीरीज? कोशिश तो करती है हमें उसके बारे में बताने की लेकिन तक आप फिर भी अन् सैटिस्फाइड रहते हो की ये किया क्यों इसने? लेकिन स्टार्ट से एंड तक जो इमर्जेन्सी और थ्रिलबना के रखा है।


सिरीज़ में आप एक्साइटेड रहते हो। साली की डाइइंग तो देखो पूरे सिस्टम को हिलाकर रख दिया और ऊपर से कहर के मर्डर कर रहा है।सिर्फ थ्री एपिसोड 40 मिनट्स सीट जब एंड मेरी अल मर्डर्स के कुछ फुटेज दिखाए जाते हैं बस बस ज्यादा बोलूँगा स्मॉलर निकल जायेगा आप पूरी सिरीज़ को देखकर जितना शौक नहीं हुआ है उतना उसके रियल फुटेज को देख के होते हैं। वो कहीं पुलिस ऑफिसर्स के इंटरव्यू से बहुत ही एक्साइटिंग है लेकिन एंड में जीस तरह से वो इसे पकड़ते हैं। आपको लगता है इसे पकड़ना इतना ईज़ी था?सिरीज़ के एंड में कई सवालों के जवाब अधूरे हैं, लेकिन कुछ भी बोलो नेटफ्लिक्स डॉक्यूमेन्ट्री तो बाप लेवल की बनाता है।क्या पैदा होते ही वो क्रिमिनल होता है या फिर सोसाइटी उसे मजबूरन क्रिमिनल बनाती है और ये लोग आजाद घूम रहे है? कब तक ये हमपे डिपेंड करता है। जो भी हो लेकिन हर तोड़े और कुल्हाड़ी से सिर फोड़ फोड़ के इस गैंग में अपनी दहशत पूरे दिल्ली में फैला दिए क्रेज़ी बस जाकर तीन पॉज़िटिव और तू नेगेटिव पॉइंट के साथ।फ्री में रिलीज हुई दिल्ली क्राइम सीज़न टू इन्टरनैशनल एमी अवॉर्ड विनर सीज़न वन में रिची मेहता डाइरेक्टर थे। लेकिन इस सीज़न के डाइरेक्टर है तनुज चोपडा और राजेश मापुस्कर। और ये डिफरेन्स आपको क्लियरली दिखाई देगा।


सीज़न टू मैं सिर्फ फाइव एपिसोड 40 मिनट्स। आप अगर सीज़न वन से कंपेर करेंगे तो लगेगा की ये फॉर्मैलिटी के लिए सीज़न टू बनाया है। वेल सीज़न वन का टॉपिक पुरये कंट्री के लिए मैटर करता था। इस सीज़न में डायरेक्टर ने कोशिश की है अमीर गरीब जाति पात के डिस्क्रिमिनेशन टॉपिक को उठाने का क्या है कमी नहीं होती। ये सब सोचने लगा टाइम इन क्या मिलता है? उससे पहले दूसरा गायब हो जाता है। शेफाली शाह की एक्टिंग साहब एक्स्ट्रीमली पॉवरफुलअगर आपको टॉपिक में इंटरेस्ट ना भी आये तो सभी ऐक्टर्स अपनी एक्टिंग से आपको सिरीज़ की कहानी में खींच लेते हैं और हर पल आपको लगता है की बस यार अबीर पकड़े जाने चाहिए। अब ये ट्रू स्टोरी से इन्स्पाइअर्ड है, लेकिन फिर भी इसकी एंडिंग बहुत हीटर मैटिक और बॉलीवुड काइन्ड ऑफ लगती है। नेटफ्लिक्स तो भाई हाथ धोकर दिल्ली के क्राइम्स के पीछे लग चुका है और पता नहीं कैसे क्राइम देखने वालेऔर बनाने वाले दोनों की ऑडियंस इंडिया में बहुत ज्यादा है। हैं ना?


थ्री की सिरीज़ मेरे लिए बहुत बड़ा सरप्राइज़ था। बड़े शहर की जॉब छोड़ गई है तो छो। पाथरी की सिरीज़ मेरे लिए बहुत बड़ा सरप्राइज़ था। बड़े शहर की जॉब छोड़ गई है तो छोटे शहर की फैमिली के पास जाना ही होगा। नौकरी नहीं है क्या? एक छोटे से शहर के मिडल क्लास फैमिली की क्यूट सी कहानी, तीन पॉज़िटिव और एक नेगेटिव पॉइंट के साथ फैमिली ड्रामा घर वापसी।अगर पंचायत आपकी फेवरेट है तो इसे भी अपनी फैमिली वॉच लिस्ट में ऐड कर लीजिये, क्योंकि सिरीज़ ग्राउंडेड है और रिलेटेबल है।मज़ा तो तब आता है जब इंडियन और वेस्टर्न सोच के बीच में आके सीरीज जरूर जाती हैं और फिर सिरीज़ किसी की साइड ना लेते हुए आपको सोचने का मौका देती है कि इस पॉइंट पे कौन सही कौन गलत? ऐसे कई सारे मूवमेंट से सिरीज़ में इसमें एक तो आपको इतना ज़ोर से हिट करेगा वहाँ शायद आप में एक बदलाव आ सकता है नहीं हो सकता है।अगले हफ्ते जा रहा हूँ बैंगलोर नौकरी लग गयी है मेरी खुश प्रॉब्लम ये है हम ऑलरेडी ऐसे टॉपिक पर सिरीज़ देख चुकें हैं तो कंपैरिजन तो बनेगा ही सिक्स एपिसोड्स 45 मिनट्स ईच कुछ क्वालिटी अगर चाहिए वो फैमिली के साथ।सी प्लेस पर एक ट्रेन जरूर दे ना इसे टॉप टू सिटी से पहले अगर हमारी सोच रिव्यु में कहीं मैच हुई तो करते हैं 20 के लाइक्स का नेक्सट पार्ट के लिए।नंबर टू पे ओह भाई साहब, अगली सीरीज आपको दिखाएगी टेस्ट मैच एक प्लेयर्स के लिए जंग के मैदान से कम नहीं है।



कभी भूल सकता हूँ या ना हो जो इंसिडेंट हुआ मेघा और विधायक के बीच 36 सॉरी आपका इंडियन क्रिकेट टीम को देखने का नजरिया बदल सकती है।कुछ डॉक्यूमेंट्री ड्रामा बन्दों में था कम ऑस्ट्रेलिया के अगेन्स्ट चार टेस्ट मैच जहाँ एक नहीं पांच प्लेयर इन जड़ हो गए सिर्फ 36 रन्स पे ऑल आउट हो रहा है कुछ भी अच्छा नहीं हो रहा है इंडियन टीम के साथ और वहाँ से कमबैक करना।आई वॉन्ट यू वांट सम ऑफ फक यू फॉर नाम ना मानो डाइरेक्टर नीरज पांडे सर ने अपनी मूवीज़ के साथ इस डॉक्यूमेंट्री में भी वो जादू भरा है। आपको प्रूफ करके दिखाएगी यह सिरीज़ ऐसे ही टेस्ट मैच कोरील फॉर्म ऑफ क्रिकेट नहीं कहते की इंजरीज से लेके रहने की बैटिंग, शुभमन गिल से लेकर ऋषभ पंत की धुआंधार बैटिंग पूरी।टीम ने एक साथ आकर जो कमबैक किया है यह देखने के बाद एक ट्रू क्रिकेट फैन के आँखों से आंसू आ कर ही रहेंगे। हर एक सिचुएशन के साथ प्लेयर्स का इंटरव्यू और फिर स्लो मोशन में वो बैकग्राउंड म्यूसिक और रे रे रे रे मज़ा आ गया एकदम। फ़ोर एपिसोड्स 45 मिनट्स लंबे। वो भी टेस्ट मैच के ऊपर कब निकल जाएंगे आपको पता भी नहीं चलेगा।दो घंटी के क्रिकेटर्स ने मिल के मैजिक क्रिएट किया है।



50 साल से बंद इस जेल के सेल में अचानक से एक कैदी आ जाता है।अब ये पागल हैं या सुपरह्यूमन है ये पता करते करते आप ऐसा शॉक, सरप्राइज़ और सैटिस्फैक्शन का कॉकटेल फील करने वाले और मेरे हिसाब से इतने कम बजट में आज तक ऐसी वेब सिरीज़ नहीं बनी जो ये अचीव कर पाई। उसके तीन सबसे बड़े रीजन्स ऐक्टर चंचल चौधरी और डायरेक्टर सईद चौकी।बांग्लादेश के इन ऐक्टर्स और डायरेक्टर्स की जोड़ी कभी डिसअप्पोइंट कर ही नहीं सकती।2020 में इसका इंतज़ाम पल तकदीर से हम देख चुकेहैं। दूसरा है बिना किसी डाइलॉग के सिर्फ अपने एक्स्प्रेशन और ऐक्शन से को पूरे एपिसोड 1 मिस्ट्री बना के रखना ये नेक्सट लेवल की एक्टिंग और आखरी है। इसका एंड का वो क्लाइमैक्स है। इसके पार्ट टू के लिए बहुत एक्साइटेड हूँ। सिरीज़ बेंगाली में सेवन एपिसोड्स के साथ इंडियन नूड।आईटी प्लैटफॉर्म हुई चोरी पर अवेलेबल है। लैंग्वेज चाहे कोई भी हो, लेकिन कन्टेन्ट अगर किन्ग है, तो हम सब टाइटल से भी काम चला लेंगे। अगर आप भी बियॉन्ड इमैजिनेशन पसंद करते हैं तो इस चैनल को सब्सक्राइब करके मैं लाइकन जरूर दबाना। कंप्लीट इंडियन नेशन की लिस्ट यू ट्यूब चैनल मेंबर्स को पोस्ट पर मिल जाएगी। प्रॉडक्ट।ऐक्शन थ्रिलर मूवीज़ के लिए राइट वाले विडिओ को और प्रीवियस विडिओ के लिए लिफ्ट वाले को क्लिक करें 


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